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E-ISSN: 2582-8010     Impact Factor: 9.56

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गुप्त काल में विज्ञान का योगदान एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

Author(s) उमाकान्त शुक्ल
Country India
Abstract प्राचीन भारतीय इतिहास में गुप्तकाल को विज्ञान और प्रौद्योगिकी का चरमोत्कर्ष काल माना जाता है। इस काल में विज्ञान के विभिन्न शाखाओ (भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, चिकित्सा व जीव विज्ञान तथा धातु विज्ञान आदि) में अभूतपूर्व उन्नति हुई जो आधुनिक समाज में भी उपयोगी सिद्ध हो रही है। गणित ज्योतिष में भी गुप्तकाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है खगोल विज्ञान धातु विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र मे गुप्तकाल में अपनी अलग पहचान बनाई थी। शून्य का आविष्कार, पाई का मान चिकित्सा में धातु का प्रयोग तथा शल्य चिकित्सा गुप्तकाल की अविस्मरणीय देन है। धातुओ से विभिन्न आभूषणों का निर्माण व सिक्का ढालने की कला इस काल में विकसित हो चुकी थी। मूर्ति निर्माण कला तथा वास्तुकला में इस काल के लोग पारन्गत थे। अजन्ता व एलोरा की गुफाएं, भूमरा का शिव मन्दिर, देवगढ का दशावतार मंदिर सारनाथ का धमेख स्तूप इसके कुछ उत्कृष्ठ उदाहरण है ।
Keywords .गुप्त काल, विज्ञान, गणित, खगोल आदि।
Field Business Administration
Published In Volume 5, Issue 10, October 2024
Published On 2024-10-09
Cite This गुप्त काल में विज्ञान का योगदान एक विश्लेषणात्मक अध्ययन - उमाकान्त शुक्ल - IJLRP Volume 5, Issue 10, October 2024.

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